2004 में राहुल गांधी के पास अपने देश की सेवा करने और उसके विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने का अवसर आया। उन्होंने अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने और उत्तर प्रदेश में अमेठी के लोगों की सेवा करने की विरासत को जारी रखने का विकल्प चुना।
राहुल ने अपना पहला चुनाव 2,90,853 मतों के भारी अंतर से जीता, जो उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों द्वारा उनके प्रति व्यक्त किए गए विश्वास का प्रतीक था। शुरू से ही, राहुल स्पष्ट रूप से मानते रहे हैं कि हमारे देश का भविष्य उसके लोगों के साथ है। पंद्रह साल लंबे राजनीतिक करियर में उतार-चढ़ाव के माध्यम से राहुल ने अपने पहले चुनाव में ही लोगों के दिलों को जीतने वाले बहुत से सिद्धांतों को सच कर दिखाया है।